ग्रामीण विकास विभाग, हरियाणा

हमारे बारे में

कौशल विकास व औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग, हरियाणा प्रदेश के बेरोजगार युवकों को 149 सरकारी (116 सह-शिक्षा व 33 केवल स्त्रियों के लिए) संस्थानों तथा 204 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के द्वारा, शिल्पकार प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत कौशल आधारित प्रशिक्षण दे रहा है। इन संस्थानों में एक तथा दो वर्ष के अभियंत्रिकी व गैर अभियंत्रिकी विषय के पाठ्यक्रम को चलाया जा रहा है। वर्तमान अकादमिक वर्ष 2016-17 में 3430 ट्रेड इकाईयों में 58748 स्वीकृत सीटों को सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में दाखिले के लिए जारी किया गया है तथा निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की 1966 ट्रेड इकाईयों में 33531 सीटों को जारी किया गया है। 2016-17 सत्र के दाखिले की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा सरकारी व निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 72307 उम्मीदवारों ने दाखिला लिया है।

वर्ष 1966 में जब हरियाणा राज्य अस्तित्व में आया तो यहां पर 48 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान 7156 स्वीकृत सीटों के साथ मौजूद थे। अब राज्य में 353 सरकारी व निजी संस्थान हैं जिनमें 88764 स्वीकृत सीटें है जो 75 विभिन्न ट्रेडस में पाठ्यक्रम दे रहे हैं। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को निरंतर, पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण के तरीके तथा भारत सरकार के स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र परिषदों के द्वारा प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण से सुधारा जा रहा है। नए व्यवसायों को बाजार की मांग को अनुसार लाया जा रहा है।

सभी सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान वित्त व दैनिक प्रशासन के लिए निदेशक, कौशल विकास व औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग हरियाणा के नियंत्रण में हैं। निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गैर-अनुदान प्राप्त संस्थान है तथा यह भी राजकीय निदेशालय की सीमा में आते हैं। निदेशक, पाठ्यक्रम, अकादमिक तथा डी जी टी, कौशल विकास व उद्यमिता, भारत सरकार परीक्षा तरीके की पालना को नियंत्रित करता है। राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद/ व्यावसायिक परिषद की राज्य परिषद उत्तीर्ण होने वाले प्रशिक्षुओं को ट्रेड प्रमाण-पत्र जारी करती है।