योजना सुविधायें(एसडीआईएस)

इस योजना का मुख्य उ६श्य हैः

  •  सरकारी निजी संस्थानों और उद्योगों में उपलब्ध बुनियादी ढांचे का बेहतर इस्तेमाल करते हुये स्कूल छोड़ने वालो, मौजूदा श्रमिकों, आईटीआई स्नातकों आदि के लिये व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करते हुये रोजगार को बेहतर बनाना।

  •  इस स्कीम के तहत व्यक्तियों के मौजूदा कौशल का परिक्षण और उसको प्रमाणित किया जाना है।

  •   योग्यता मानकों, पाठ्क्रमों, देश में सीखने की सामग्री और मुल्यांकन मानकों के विकास के क्षेत्र में क्षमता को बढ़ाना।

योजना की विशेषतायें

  •  कौशल विकास पहला योजना 100% केन्द्र से प्रायोजित योजना है।

  •  उद्योग के साथ परामर्श करके मॉडयूलर रोजगार कौशल पर आधारित अल्पकालिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का निर्णय लिया गया है।

  •   केन्द्र सरकार प्रशिक्षण को बढ़ावा देती है, प्रखर करती है, जबकि राज्य सरकार, निजी क्षेत्र और उद्योग व्यक्तियों को प्रशिक्षण प्रदान करते है।

  • प्रशिक्षण लागत प्रभावी बनाने के लिये मौजूदा बुनियादी ढ़ांचे का अधिकतम उपयोग।

  • पांचवी कक्षा के बाद और आगे वाले व्यक्तियों के लिये पाठ्यक्रम उपलब्ध है।

  •  विभिन्न लक्ष्य समूहों की आवश्यकताओं के अनुरूप आसान वितरण तंत्र (आंश्कालिक, सत्ताहांत, पूर्णकालिक)

  •  विभिन्न लक्ष्य समूहों की मांगों को पूरा करने के लिये विभिन्न स्तरों के कार्यक्रम (फाउंडेशन स्तर के साथ-साथ कौशल उन्नयन)

  •  मौजूदा या सेवानिवृत संकाय या अतिथि संकाय की सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है।

  •  इस स्कीम के तहत व्यक्तियों के मौजूदा कौशल का परिक्षण और प्रमाणित किया जा सकता हैं

  • सरकार, निजी क्षेत्र और ओद्योगिक प्रतिष्ठानों के तहत पंजीकृत व्यावसायिक प्रशिक्षण लागत के रूपये की प्रतिपूर्ति 30.00/27.50 रूपये प्रति व्यक्ति प्रति घंटा।

  • एफसीसीआई, सीआईआई आदि जैसे उद्योग संगठनों सहित स्वतंत्र आकलन निकासों द्वारा प्रशिक्षूओं के कौशल का परीक्षण। जो निष्पक्ष मूल्यांकन सूनिक्षत करने के लिये प्रशिक्षण वितरण में शामिल नहीं होता है।

  • एनसीवीटी द्वारा प्रमाणीकरण जो लाभकारी रोजगारों के लिये राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।

  • 11 वीं योजना अवधि (2007-2012) के दौरान, 550 करोड़ रूपये के एक अनूमोदित परिव्यय के खिलाफ, इस योजना के तहत 407 करोड़ रूपये खर्च किये गये और इस योजना के तहत 13.67 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया गया या सीधे परिक्षण किया गया। कौशल विकास पर मंत्रीमंडल समिति ने 13.08.2013 को कुछ बदलाव के साथ ग्प्प् योजना अवधि के लिये एसडीआईएस की निरंतरता को मंजूरी दी है।

  •  1 जनवरी, 2012 से वेब पोर्टल के माध्यम से एसडीआई योजना का ओन-लाईन क्रियान्वयन शुरू किया गया है।